नमस्कार दोस्तों, मेरे चैनल में आपका स्वागत है। आज हम एक खास और महत्वपूर्ण त्योहार के बारे में बात करेंगे जो मकर संक्रांति है। हम चर्चा करेंगे कि 2024 में यह किस दिन मनाया जाएगा और इस दिन का क्या महत्व है। तो चलिए, शुरुआत करते हैं!
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इस घटना को संक्रांति कहा जाता है, और इसे अद्वितीय माना जाता है क्योंकि इस दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनि से मिलने उनके घर जाते हैं, और शनि देव मकर राशि के स्वामी हैं, इसलिए इसे मकर संक्रांति कहा जाता है।
मकर संक्रांति हिन्दू धर्म का महत्वपूर्ण उत्सव है जिसमें गंगा स्नान और दान का विशेष महत्व है। यह उत्सव जनवरी माह के चौदहवें या पंद्रहवें दिन मनाया जाता है, अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 14 या 15 जनवरी को। वर्ष 2024 में, मकर संक्रांति 15 जनवरी 2024 को मनाई जाएगी, जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे।
मकर संक्रांति के दिन, सूर्य देव का प्राकृतिक सुंदरता में समर्पण करने के लिए विशेष शुभ मुहूर्त होता है, जैसे कि पुण्यकाल (07:15 से 06:21 तक) और महा पुण्यकाल (07:15 से 09:06 तक)।
मकर संक्रांति को वेदों में महापर्व के नाम से भी जाना जाता है और इस दिन गंगा स्नान करने से सभी कष्टों का निवारण होता है। इसलिए, दान, तप, जप का विशेष महत्व है और इस दिन पुण्य काल में श्राद्ध अनुष्ठान, व्रत पारण, भगवान सूर्य को नैवेद्य अर्पित करना इत्यादि के शुभ कार्यों का आयोजन किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन पानी में काले तिल और गंगाजल मिलाकर स्नान करने से कुंडली के ग्रह दोष दूर होते हैं और सूर्य देव की कृपा भी प्राप्त होती है।
मकर संक्रांति के दिन तिल, जूते, अन्न, वस्त्र, और कंबल का दान करने से व्यक्ति को शनिदेव और सूर्यदेव की कृपा मिलती है, और इसे भगवान को समर्पित करने का एक सीधा तरीका माना जाता है। इसलिए, दान को दिल से पुरस्कृत करना चाहिए, और इस दिन से रात छोटी होने लगती है और दिन थोड़े लंबे होते हैं।
मित्रों, आप सभी को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएँ!
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